LOHAGAD FORT
लोहे का किला: लोहगढ़ किले का रोमांचक सफर महाराष्ट्र की खूबसूरत पहाड़ियों में स्थित लोहगढ़ किला (Lohagad Fort) ट्रेकिंग प्रेमियों और इतिहास के दीवानों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। यह किला पुणे से लगभग 52 किलोमीटर और लोनावाला से मात्र 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सह्याद्री की हरी-भरी पहाड़ियों में बसा यह किला अपनी ऐतिहासिक धरोहर, स्थापत्य कला और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। --- इतिहास की झलक लोहगढ़ किला का निर्माण लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में हुआ था। इसे कई राजवंशों ने शासन के दौरान अपने नियंत्रण में रखा, जिसमें सातवाहन, चालुक्य, यादव और बहमनी सुल्तानों का नाम प्रमुख है। लेकिन इस किले का सर्वाधिक महत्व तब बढ़ा जब छत्रपति शिवाजी महाराज ने 1648 में इसे अपने राज्य में शामिल किया। इसके बाद, यह किला मराठों और मुगलों के बीच कई बार हाथ बदलता रहा। अंततः 1713 में बालाजी विश्वनाथ ने इसे स्थायी रूप से मराठों के अधीन कर लिया। --- आकर्षण के मुख्य बिंदु 1. विंचू कडा (बिच्छू की पूंछ) – यह किले का सबसे प्रसिद्ध हिस्सा है, जो एक बिच्छू की पूंछ जैसा दिखाई देता है। यहां से आसपास के घाटियों और प...